शेखपुरा जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कमासी गांव में उस समय अफरातफरी मच गई, जब डेढ़ वर्षीय बच्ची को गोद में लेकर जा रही एक युवती को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। समय रहते डायल 112 पुलिस टीम के पहुंचने से संभावित बड़ी घटना टल गई।

 

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी लालो महतो की डेढ़ साल की नतिनी घर के बाहर गली में खेल रही थी। इसी दौरान करीब 20 वर्षीय एक महिला बच्ची को गोद में लेकर वहां से जाने लगी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उसकी मां की नजर महिला पर पड़ी। संदेह होने पर परिजनों ने शोर मचाया। हंगामा होते देख महिला बच्ची को छोड़कर बधार की ओर भागने लगी, लेकिन ग्रामीणों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।

 

महिला के पकड़े जाने के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और कुछ लोगों ने उसकी पिटाई भी कर दी। इसी बीच किसी ग्रामीण ने डायल 112 पर सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और महिला को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की तत्परता से संभावित मॉब लिंचिंग की घटना टल गई।

 

मामले में आदर्श टाउन थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पकड़ी गई महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत होती है। पूर्व में भी उसे शहर के गिरिहिंडा मोहल्ले में भटकते हुए पाया गया था, जिसके बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया था। प्रारंभिक जांच में किसी संगठित बच्चा चोरी गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है।

 

पुलिस यह जांच कर रही है कि महिला गांव तक कैसे पहुंची और किन परिस्थितियों में उसने बच्ची को गोद में लिया। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और कानून अपने हाथ में न लें। संदिग्ध स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

 

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण कई स्थानों पर भीड़ हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिसे देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बरतने की अपील की है।

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