गोपालगंज: मांझागढ़ थाना में तैनात डायल 112 के एक सिपाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया। वीडियो में सिपाही सुनील कुमार ने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। मामले ने तूल पकड़ा तो जिला पुलिस प्रशासन ने विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर वायरल दावों को भ्रामक और निराधार बताया।
पुलिस के अनुसार, सिपाही सुनील कुमार के व्यवहार में पिछले कुछ समय से अचानक बदलाव देखा जा रहा था। वे चिड़चिड़े हो गए थे और मानसिक अस्थिरता के लक्षण स्पष्ट रूप से सामने आ रहे थे। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्कालीन थाना अध्यक्ष ने स्टेशन डायरी में इसकी विधिवत एंट्री दर्ज कराई। एहतियातन उनके पास मौजूद सरकारी पिस्टल को सुरक्षित रूप से जमा करा लिया गया, ताकि किसी संभावित अप्रिय घटना से बचा जा सके।
30 जनवरी 2026 को सनहा दर्ज करते हुए उनके हथियार को पुलिस लाइन के मालखाना में नियमानुसार जमा कर दिया गया और उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके बावजूद सिपाही ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उनका हथियार छीन लिया गया और उन्हें धमकाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में ये आरोप पूरी तरह निराधार पाए गए।
सदर एसडीपीओ-2 राजेश कुमार ने बताया कि सिपाही की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी और अधिकारियों के प्रति आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग के बाद सुरक्षा कारणों से कार्रवाई की गई। पुलिस ने उन्हें दो जवानों की निगरानी में सरकारी वाहन से उनके घर पहुंचाया, जहां वे फिलहाल परिवार के संरक्षण में हैं और इलाज हेतु अवकाश पर भेजे गए हैं।
जिला पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अपुष्ट खबरों और अफवाहों को सोशल मीडिया पर साझा न करें। मामले की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
