भागलपुर जिले के सबौर क्षेत्र के भिट्टी गांव में आयोजित दो दिवसीय महादंगल का समापन उत्साह और रोमांच के माहौल के बीच हुआ। ऐतिहासिक जोड़ा महादेव प्रांगण में दूर-दराज से आए पहलवानों ने अपने दमखम का शानदार प्रदर्शन किया। सुबह से ही दर्शकों की भारी भीड़ मैदान में जुट गई थी और दोपहर तक दंगल स्थल दंगल देखने वालों से भर गया।
समापन के दिन कई रोमांचक मुकाबले हुए, जिनमें स्थानीय और अन्य राज्यों के पहलवानों ने हिस्सा लिया। हर दांव-पेच पर दर्शकों की तालियों और उत्साहवर्धन से मैदान गूंजता रहा। आयोजकों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस महादंगल में युवा पहलवानों के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। रोहित ने पहलवान राजन को पीछे छोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की, जबकि सुल्तान ने अपनी अनुभव और ताकत से कई पहलवानों को पटखनी दी। कई मुकाबले बराबरी पर समाप्त हुए, तो कुछ में पहलवानों ने अपने जोश और कौशल से दर्शकों का मन मोह लिया।
ग्रामीणों और खेल प्रेमियों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा गया। आयोजक समिति ने बताया कि महादंगल का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। प्रथम पुरस्कार रोहित को, द्वितीय पुरस्कार राजन को और तृतीय पुरस्कार सुल्तान को ट्रॉफी और नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। फाइनल को देखने के लिए दर्शकों की भीड़ ने उत्सुकता और जोश का माहौल पैदा किया।
भिट्टी गांव का यह महादंगल न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि क्षेत्र की परंपरा और संस्कृति का प्रतीक भी माना जाता है। आयोजन में दीपशिखानंद परिणा (नगर पंचायत अध्यक्ष, सबौर), डॉ. आनंद कुमार (उपाध्यक्ष, नगर पंचायत सबौर), सुगंध झा उर्फ़ सिक्की झा (समाजसेवी), तथा अन्य जनप्रतिनिधि और गांववासी भी शामिल हुए।
आयोजकों का कहना है कि इस महादंगल ने युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान किया और आने वाले दिनों में और भी बड़े मुकाबलों की उम्मीद की जा रही है। इस प्रकार भिट्टी गांव का महादंगल क्षेत्रीय खेल और सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
