सहरसा: वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) परीक्षा के बीच शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सहरसा में जगह-जगह भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे परीक्षार्थियों, अभिभावकों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्र-छात्राएं समय पर परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा तिथि पहले से घोषित होने के बावजूद शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू नहीं किया गया। सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले ही मुख्य सड़कों, रेलवे ढाला, थाना चौक, कॉलेज गेट और अन्य प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लग गया। स्थिति यह रही कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अव्यवस्थित वाहन पार्किंग और यातायात नियंत्रण की कमी के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रशासन को विशेष इंतजाम करने चाहिए थे। कई जगहों पर ई-रिक्शा, ऑटो और निजी वाहनों की भीड़ से सड़कें पूरी तरह जाम हो गईं। ट्रैफिक पुलिस की संख्या भी नाकाफी नजर आई, जिससे स्थिति और बिगड़ती गई।
कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि वे समय से काफी पहले घर से निकले थे, लेकिन जाम में फंस जाने के कारण केंद्र तक पहुंचने में देरी हुई। हालांकि कई केंद्रों पर समय सीमा को लेकर सख्ती बरती जा रही है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में तनाव देखा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन पूर्व तैयारी करता और प्रमुख मार्गों पर वैकल्पिक रूट की व्यवस्था करता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। अब सवाल उठ रहा है कि आने वाले परीक्षा दिनों में क्या ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा या छात्र-छात्राओं को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी।
