नवगछिया व्यवहार न्यायालय में बहुचर्चित जमीन विवाद हत्या कांड में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय नीतू कुमारी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपित गुंजन कुंवर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 15 फरवरी 2020 का है, जब बिहपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा निवासी निधु कुंवर उर्फ अमित कुंवर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक के पिता विनय कुंवर ने बिहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए छरीपट्टी सोनवर्षा निवासी गुंजन कुंवर, अंकित कुंवर, मुकेश कुंवर, मंटू कुंवर तथा ढोरिया उर्फ नवीन मंडल को नामजद आरोपित बनाया था। प्राथमिकी में कहा गया था कि विनय कुंवर अपने पुत्र के साथ दियारा क्षेत्र में घास लाने गए थे। घास लेकर जब वे वापस लौट रहे थे, तभी विक्रमपुर कलबलिया धार के टेक दियारा में सभी आरोपित हथियारों से लैस होकर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे।
विरोध करने पर गुंजन कुंवर ने निधु कुंवर को गोली मार दी, जिससे वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद आरोपितों ने कुल्हाड़ी से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर हमला कर घटना को और भी भयावह बना दिया। गंभीर रूप से घायल निधु कुंवर की मौके पर ही मौत हो गई।
मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों की गवाही प्रस्तुत की गई। साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने गुंजन कुंवर को भादवि की धारा 302, 147, 148, 149 तथा आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया।
न्यायालय ने धारा 302 के तहत कठोर आजीवन कारावास एवं 15 हजार रुपये जुर्माना, धारा 147 में नौ वर्ष की सजा व एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 148 में दो वर्ष की सजा व दो हजार रुपये जुर्माना, धारा 504 में नौ वर्ष तथा धारा 506 में सात वर्ष की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक देवेंद्र सिंह ने प्रभावी बहस की।
