समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिले में संचालित आधारभूत संरचना से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य रूप से सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, पावर सब स्टेशन निर्माण तथा भूमि अधिग्रहण से संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।


बैठक के दौरान कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) भागलपुर ने भागलपुर–कहलगांव–मिर्जाचौकी सड़क निर्माण परियोजना की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत टॉल प्लाजा निर्माण के लिए कुल 18 रैयतों को भू-अर्जन राशि का भुगतान किया जाना था। इनमें से अब तक 10 रैयतों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 8 रैयतों का भुगतान अभी लंबित है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए डीसीएलआर कहलगांव को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे स्वयं कार्यपालक अभियंता, एनएच के साथ समन्वय स्थापित करें और शेष रैयतों को भू-अर्जन राशि का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित कराएं, ताकि परियोजना में अनावश्यक विलंब न हो।


इसी क्रम में प्रोजेक्ट इलेक्ट्रिसिटी के कार्यपालक अभियंता ने बैठक को अवगत कराया कि कहलगांव और नाथनगर प्रखंडों में प्रस्तावित पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की आवश्यकता है। इस विषय पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी स्वयं स्थल भ्रमण करें, संभावित और उपयुक्त भूमि की पहचान करें तथा संबंधित अंचलाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर भूमि से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन शीघ्र जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाएं आमजन की दैनिक जरूरतों से जुड़ी हैं, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।


ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भागलपुर, नवगछिया एवं कहलगांव के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी सड़कों का सर्वे कर चौड़ीकरण की आवश्यकता का आकलन किया जाए। सर्वे के बाद बीडीओ एवं एसडीओ के साथ विचार-विमर्श कर प्राथमिकता सूची तैयार की जाए और उसे विभाग को प्रस्ताव के रूप में भेजा जाए, ताकि सड़कों की स्थिति में सुधार हो सके और यातायात सुगम बनाया जा सके।


बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े संवेदकों के साथ नियमित अंतराल पर बैठक करें, निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण करें और कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं का उद्देश्य आम जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, इसलिए किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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