गया। बिहार के गया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर प्रखंड के बीडीओ राकेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पटना से पहुंची निगरानी टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ बीडीओ को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें पूछताछ और आगे की कार्रवाई के लिए पटना लेकर रवाना हो गई, जिससे नगर प्रखंड में हड़कंप मच गया।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले की शिकायत नगर प्रखंड की प्रमुख सुचिता रंजनी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बीडीओ राकेश कुमार विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन किया। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर टीम ने जाल बिछाया और सोमवार को गया पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रखंड प्रमुख के चैंबर में ली जा रही थी रिश्वत
बताया जाता है कि नगर प्रखंड प्रमुख के चैंबर में ही बीडीओ राकेश कुमार रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये ले रहे थे। इसी दौरान पहले से तैनात निगरानी टीम के सदस्यों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद की गई। इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों में चर्चा का माहौल बन गया।
योजना संख्या 325/26 में मांगी गई थी रिश्वत
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के पुलिस उपाधीक्षक सत्येंद्र राम ने बताया कि बीडीओ राकेश कुमार योजना संख्या 325/26 के तहत कार्य को स्वीकृति और भुगतान से जोड़कर एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेने के लिए वे प्रखंड प्रमुख के चैंबर में पहुंचे थे। डीएसपी के अनुसार, बीडीओ के खिलाफ पहले से भी कई शिकायतें मिल चुकी थीं और जांच के दौरान कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई हैं। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
‘हर विकास कार्य में मांग रहे थे पैसे’—प्रखंड प्रमुख
नगर प्रखंड की प्रमुख सुचिता रंजनी ने बताया कि बीडीओ द्वारा लगभग हर विकास कार्य में रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिससे जनप्रतिनिधि और लाभार्थी काफी परेशान थे। उन्होंने कहा कि बीडीओ का यह दुस्साहस था कि वे बार-बार फोन कर पैसे मांगते थे और गूगल पे से भुगतान करने की भी बात करते थे। कई लोगों से लगातार शिकायतें मिलने के बाद मजबूर होकर निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कदमों से प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और जनहित के कार्यों में बाधा डालने वालों पर अंकुश लगेगा। फिलहाल बीडीओ राकेश कुमार को पटना ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
