पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की 31 साल पुराने मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बाद अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी खुलकर उनका समर्थन किया है। इस गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
पप्पू यादव की मां शांति प्रिया देवी ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पप्पू यादव को रिहा करो। अगर मेरे बेटे को कुछ हुआ तो हम किसी को नहीं बख्शेंगे।” उनके इस बयान ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने के लिए की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू यादव पटना में नीट छात्रा मामले को लेकर सरकार से लगातार सवाल कर रहे थे और कई मुद्दों को उजागर कर रहे थे। तेजस्वी के अनुसार, सरकार इस दबाव से असहज थी, इसलिए पुराने मामले में कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि न्याय की मांग उठाने वाली आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि सिस्टम की खामियां उजागर होने के बाद जवाबदेही से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रियंका गांधी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि छात्रा प्रकरण की जांच और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग संवेदनशील मामलों में पारदर्शिता नहीं दिखा रहे हैं।
फिलहाल पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से अब तक इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। बिहार की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
