बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वर स्थान थाना क्षेत्र में बकाया मजदूरी का विवाद हिंसा में बदल गया, जिसके बाद पुलिस ने 70 लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत भी गरमा गई है। ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने कानून के संभावित दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए सिस्टम को सावधानी बरतने की नसीहत दी है।
मामले की शुरुआत हरिनगर गांव से हुई। राजमिस्त्री कैलाश पासवान का आरोप है कि वर्ष 2015 में केरल में किए गए निर्माण कार्य का ₹2.47 लाख अब तक बकाया है। 29 जनवरी को जब संबंधित परिवार की सदस्य गांव पहुंचीं, तो भुगतान को लेकर विवाद हुआ। अगले दिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और मारपीट की घटना सामने आई।
बताया जा रहा है कि 31 जनवरी को स्थिति और बिगड़ गई, जब एक समूह ने कैलाश पासवान के घर पर हमला कर दिया। इस घटना में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 9 को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई। अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि SC/ST एक्ट और दहेज कानून जैसे प्रावधान पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बने हैं, लेकिन इनके दुरुपयोग की आशंका से समाज में गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच पर जोर दिया।
वहीं बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी समुदाय विशेष को निशाना नहीं बना रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई, उन्हीं पर कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
