पटना। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार (6 फरवरी) की देर रात उनके आवास से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक विवादित संपत्ति मामले में की गई, जो वर्ष 1995 में दर्ज हुआ था।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पहले मेडिकल जांच के लिए इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में भर्ती कराया गया।


जानकारी के अनुसार, यह मामला उस समय का है जब पप्पू यादव ने एक मकान किराए पर लेकर उसे कार्यालय के रूप में उपयोग किया था। आरोप है कि बाद में उन्होंने उस मकान पर कब्जा कर लिया। इस मामले में लंबे समय तक सुनवाई नहीं होने के कारण कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, जिसके आधार पर पटना पुलिस ने कार्रवाई की।


गिरफ्तारी के बाद उनकी सेहत में आई गिरावट को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल निगरानी शुरू की। IGIMS में प्रारंभिक उपचार के दौरान भी उनकी हालत में सुधार नहीं दिखा, जिसके बाद उन्हें PMCH रेफर किया गया। फिलहाल वे PMCH में चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।


इस बीच शनिवार (7 फरवरी) को पप्पू यादव को एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के दौरान कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए सोमवार (9 फरवरी) तक PMCH में ही रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा और वे अस्पताल में ही रहेंगे। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि जमानत के संबंध में अगली सुनवाई सोमवार को होगी, जिसमें दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।
पुलिस और समर्थकों की ओर से बताया गया है कि पप्पू यादव की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनकी हालत का नियमित परीक्षण कर रही है। चिकित्सकों का मानना है कि उनकी स्थिति को देखते हुए अस्पताल में रहकर इलाज और निगरानी जरूरी है। इसी कारण उन्हें जेल भेजने के बजाय अस्पताल में रखने का फैसला लिया गया है।


पप्पू यादव की गिरफ्तारी और अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह मामला काफी पुराना है और इतने वर्षों बाद अचानक की गई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है और कोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है।


फिलहाल सबकी नजरें सोमवार (9 फरवरी) को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां कोर्ट यह तय करेगा कि पप्पू यादव को जमानत दी जाएगी या नहीं। तब तक वे PMCH में न्यायिक हिरासत के तहत इलाजरत रहेंगे।

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