सहरसा।
सहरसा पुलिस ने उमेश मिश्री हत्याकांड का सफल उद्भेदन करते हुए इस सनसनीखेज मामले में शामिल शूटर समेत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से देशी कट्टा, जिंदा कारतूस, अपाचे मोटरसाइकिल और एक कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
मामला सोनवर्षाराज थाना क्षेत्र का है, जहां दिनांक 11 दिसंबर 2025 की रात अज्ञात अपराधियों ने उमेश मिश्री की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में मृतक के पुत्र के लिखित आवेदन के आधार पर सोनवर्षाराज थाना कांड संख्या 246/25 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सहरसा के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सिमरी बख्तियारपुर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, भौतिक साक्ष्य एवं प्राप्त मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने मामले का सफल उद्भेदन किया।
जांच के क्रम में यह खुलासा हुआ कि मृतक के पुत्र मनीष मिश्री (वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में बंद) ने अपने पिता की हत्या के लिए चार लाख रुपये की सुपारी दी थी। सुपारी के तहत शूटर मनीष यादव ने अपने एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा मृतक के बड़े पुत्र सचित मिश्री की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
पुलिस ने अभियुक्त मनीष यादव की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, एक अपाचे मोटरसाइकिल एवं एक कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया है। इस संबंध में पतरघट थाना में आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है, जबकि अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
