भागलपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ के बैनर तले राजस्व कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह धरना जिलाधिकारी कार्यालय के पीछे आयोजित किया गया, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। धरना स्थल पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार से जल्द समाधान की अपील की।
धरना दे रहे राजस्व कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राज्य के सभी राजस्व कर्मचारियों को अभिलंब उनके गृह जिला में पदस्थापन किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से दूर-दराज के जिलों में तैनाती के कारण उन्हें गंभीर पारिवारिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने बताया कि परिवार से दूर रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
इसके साथ ही कर्मचारियों ने ग्रेड पे बढ़ाने की मांग को भी जोरशोर से उठाया। उनका कहना है कि वर्तमान में राजस्व कर्मचारियों को मात्र 1900 रुपये का ग्रेड पे दिया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। कर्मचारियों की मांग है कि ग्रेड पे को बढ़ाकर 2800 रुपये किया जाए, ताकि उनके वेतन में सुधार हो सके और वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।
धरना स्थल पर मौजूद संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्व कर्मचारी सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। भूमि से जुड़े मामलों के निपटारे, दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी इन्हीं कर्मचारियों पर होती है, बावजूद इसके उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी मांगें कई वर्षों से सरकार के समक्ष रखी जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन, अनिश्चितकालीन धरना या कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
धरना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि अपनी जायज मांगों को लेकर वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
