गुरुवार को समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा सहरसा जंक्शन पहुंचे, जहां उन्होंने अमृत भारत योजना के तहत बन रहे नए स्टेशन भवन और यात्री सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। डीआरएम ने सहरसा जंक्शन के साथ-साथ सलोना, सिमरी बख्तियारपुर, मधेपुरा और बनमनखी रेलवे स्टेशनों पर निर्माणाधीन अमृत भारत स्टेशन के नए भवन, सर्कुलेटिंग एरिया और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और तय समय-सीमा के भीतर सभी शेष कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि बड़े स्टेशनों के लिए पैसेंजर प्लानिंग 5, 10 और 20 वर्षों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या और क्षेत्र के विकास को देखते हुए ही स्टेशन लेआउट, प्रवेश-निकास मार्ग और यात्री सुविधाओं की योजना बनाई जाती है, ताकि भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत सहरसा जंक्शन को देश के प्रमुख और नंबर वन स्टेशनों की श्रेणी में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी अमृत भारत स्टेशन लगभग बनकर तैयार हैं और जो कार्य शेष हैं, उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इन स्टेशनों का उद्घाटन एक साथ किया जाएगा, जिसकी तारीख कभी भी रेल मंत्रालय द्वारा घोषित की जा सकती है।
रेल परियोजनाओं को लेकर डीआरएम ने महत्वपूर्ण संकेत देते हुए बताया कि सहरसा–लहरिया सराय नई रेल लाइन परियोजना फिलहाल प्रक्रियाधीन है और इसका प्रस्ताव नीति आयोग को भेजा गया है। वहीं सहरसा–मानसी 41 किलोमीटर डबल लाइन परियोजना को भी जल्द स्वीकृति मिलने की संभावना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से सहरसा को कई नई और लंबी दूरी की ट्रेनों की सौगात मिलने की उम्मीद है।
होली पर्व को लेकर डीआरएम ने कहा कि अधिक भीड़ वाले स्टेशनों की रिपोर्ट मंगाई गई है और उसी के आधार पर होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। वहीं सहरसा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर लगाए गए एस्केलेटर का ट्रायल सफल रहा है, जिसे कुछ दिनों के परीक्षण के बाद यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
