भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत करहरिया पंचायत स्थित उत्क्रमित मिडिल स्कूल बड़हरा में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब परिभ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को भोजन और पानी नहीं मिलने का मामला सामने आया। इस घटना से नाराज छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने सोमवार को स्कूल में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे शैक्षणिक कार्य पूरी तरह बाधित हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) राकेश कुमार स्कूल पहुंचे। उनका उद्देश्य तालाबंदी खुलवाना और पूरे मामले की जांच करना था। जांच के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक संजय कुमार कुसुम को भी विद्यालय बुलाया गया। इसी दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आरोप है कि प्रधानाध्यापक अपने साथ सात से आठ असामाजिक तत्वों को लाठी-डंडों के साथ स्कूल परिसर में लेकर पहुंचे।
एचएम के साथ आए लोगों को लाठी-डंडों के साथ देखकर स्कूल में मौजूद छात्र, छात्राएं, महिलाएं और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। अफरातफरी के माहौल में चार लोग भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि प्रधानाध्यापक सहित पांच लोग स्कूल परिसर में फंस गए।
स्थिति लगातार बिगड़ती देख प्रभारी बीईओ राकेश कुमार ने सूझबूझ का परिचय देते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद ली। सभी फंसे हुए लोगों को एक कक्षा में सुरक्षित बैठाया गया, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो सके। इसके बाद मामले की सूचना बाथ थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही बाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने प्रधानाध्यापक सहित पांच लोगों को सुरक्षित स्कूल परिसर से निकालकर थाने ले जाया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और मारपीट तथा अव्यवस्था फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। अभिभावकों और ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं के साथ गंभीर लापरवाही की गई है। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
