भागलपुर में बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने पहली बार सर्किट हाउस में प्रेस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पंचायती राज विभाग से जुड़ी योजनाओं की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पंचायत स्तर पर विकास को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और इसके लिए जिला परिषदों की रिक्त भूमि के समुचित और प्रभावी उपयोग की ठोस योजना तैयार की जा रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान जब विभागीय पीपीटी के माध्यम से योजनाओं की प्रस्तुति दी गई तो भूमि से जुड़े बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी नहीं होने पर मंत्री दीपक प्रकाश ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी तरह की प्रस्तुति पूरी, तथ्यात्मक और पारदर्शी होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि अधूरी जानकारी से न केवल काम की समीक्षा प्रभावित होती है बल्कि सरकार की मंशा भी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ पाती।
मंत्री ने भागलपुर जिले की पंचायती राज व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले की कुल 238 पंचायतों में से 70 पंचायत भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जिनमें से 56 पंचायत भवन वर्तमान में पूरी तरह से क्रियाशील हैं। शेष पंचायत भवनों को भी जल्द चालू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि भागलपुर जिले की 21 पंचायतों में निर्माण के लिए विभागीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वहीं 45 पंचायतों में भूमि चिन्हित कर ली गई है। शेष पंचायतों में भी शीघ्र भूमि चिन्हित कर निर्माण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इस मौके पर मंत्री दीपक प्रकाश ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज सवाल खड़े कर रहे हैं, उन्होंने अपने कार्यकाल में पंचायतों और ग्रामीण विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया था। मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान सरकार धरातल पर काम कर रही है और विकास से जुड़े आंकड़े खुद इसकी गवाही दे रहे हैं।
प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि पंचायती राज से जुड़ी सभी योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी हों और ग्रामीण जनता तक विकास का सीधा लाभ पहुंचे।
