बिहार के दरभंगा जिले से एक हैरान करने वाला और चर्चा में आया मामला सामने आया है। कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में पुलिस ने ऐसा केस दर्ज किया है, जिसमें पूरे गांव के ब्राह्मण समाज को आरोपी बना दिया गया है। इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

 

पुलिस के अनुसार, हरिनगर गांव निवासी असर्फी पासवान ने कुशेश्वरस्थान थाना में आवेदन देकर पूरे गांव को अभियुक्त बनाया है। आवेदन में करीब 70 ब्राह्मण लोगों को नामजद और 100 से 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बताया गया है। मामला दर्ज होने के बाद यह प्रकरण राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो (NCIB) तक भी पहुंच गया है। NCIB ने सोशल मीडिया पर इस मामले को साझा करते हुए लिखा कि जिन ब्राह्मणों पर FIR दर्ज की गई है, उनमें से कई लोग दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

 

आवेदन के मुताबिक विवाद की जड़ साल 2015 की है। असर्फी पासवान ने बताया कि उसके रिश्तेदार विक्रम पासवान के बड़े भाई कैलाश पासवान ने हरिनगर गांव निवासी हेमंत झा से मकान निर्माण कराया था। निर्माण कार्य के एवज में करीब ढाई लाख रुपये अब भी बकाया बताए जा रहे हैं। कई बार रुपये मांगने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

 

आरोप है कि इसी लेनदेन के विवाद को लेकर 31 जनवरी 2026 की रात हेमंत झा, श्रीनाथ झा, पंकज झा, ओमप्रकाश झा, बाबू साहब झा, जगन्नाथ झा, अमित कुमार झा समेत कई लोग एकजुट होकर असर्फी पासवान के घर में घुस आए। लाठी-डंडे और पगारिया से परिवार के सदस्यों पर हमला किया गया। इस हमले में घर की महिलाएं और एक बच्ची भी घायल हो गईं। घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट और अफरा-तफरी साफ नजर आती है।

 

बिरौल डीएसपी प्रभाकर तिवारी ने बताया कि यह मामला पुराने लेनदेन विवाद से जुड़ा है, जिसमें 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग इस मामले को जातीय रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

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