बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की औपचारिक घोषणा कर दी है। मंगलवार को बिहार विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ऐलान किया कि अब बिहार के किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अलावा राज्य सरकार की ओर से सालाना 3,000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस घोषणा के बाद राज्य के लाखों किसानों में उत्साह का माहौल है।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत दी जाने वाली राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से भेजी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था न रहे और लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुंचे। अभी तक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये मिलते थे, लेकिन राज्य सरकार की इस नई पहल के बाद कुल सहायता राशि और मजबूत हो जाएगी।
अर्थशास्त्री डॉ. सुधांशु कुमार का कहना है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा राजनीतिक और आर्थिक, दोनों ही दृष्टिकोण से बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि यह योजना एक ओर किसानों को सीधी नकद सहायता देती है, वहीं दूसरी ओर सरकार यह स्पष्ट संदेश देती है कि उसकी प्राथमिकता ग्रामीण वर्ग और कृषि क्षेत्र है। बिहार जैसे राज्य में, जहां बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है, वहां यह अतिरिक्त 3,000 रुपये छोटे और सीमांत किसानों के लिए बीज, खाद और खेती से जुड़ी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि चौथा कृषि रोडमैप और किसान सम्मान निधि में यह बढ़ोतरी मिलकर खेती को लाभ का सौदा बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी कर्ज व साहूकारों पर निर्भरता को कम करना है।
बजट भाषण में यह भी संकेत दिया गया कि आने वाले समय में किसानों को बाजार तक सीधी पहुंच, भंडारण सुविधाओं के विस्तार और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि ये सभी पहल मिलकर बिहार के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देंगी और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी।
