उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से दहेज उत्पीड़न का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी की पहली रात ही दुल्हन के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा बन गई। आरोप है कि सरकारी लेखपाल ने अपनी पत्नी से एक करोड़ रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग की और मांग पूरी नहीं होने पर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता हेमलता की शिकायत पर पुलिस ने पति दीप्तेश पासवान समेत 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक हेमलता की शादी 12 नवंबर 2024 को दीप्तेश पासवान से हुई थी। दीप्तेश बलरामपुर जिले की उतरौला तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। पीड़िता के अनुसार, शादी के समय लड़की पक्ष की ओर से कार, जेवरात, घरेलू सामान और करीब 25 लाख रुपये नकद दहेज दिया गया था। लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।
हेमलता का आरोप है कि शादी की पहली रात यानी सुहागरात पर ही पति ने दहेज कम मिलने की बात कहकर लग्जरी कार और एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग कर दी। इतना ही नहीं, हाईवे पर पेट्रोल पंप के लिए दो बीघा जमीन दिलाने का भी दबाव बनाया गया।
पीड़िता ने बताया कि मांग पूरी न होने पर उसे लगातार प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि उसे कमरे में बंद कर भूखा-प्यासा रखा जाता था। रसोई में खाना बनाते समय सास और देवरानियां गरम तेल में पानी डालकर उसके ऊपर छींटे मारती थीं, जिससे वह कई बार झुलस गई। खाने में जहरीले पदार्थ और नींद की गोलियां मिलाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। बीमार होने पर भी उसका इलाज नहीं कराया गया।
हेमलता ने बताया कि 21 अक्टूबर 2025 को भाईदूज के मौके पर पति उसे मायके छोड़कर चला गया। इसके बाद ससुराल पक्ष ने साफ कह दिया कि एक करोड़ रुपये लाने पर ही उसे वापस रखा जाएगा।
फ्रेंड्स कॉलोनी थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति दीप्तेश पासवान समेत 17 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
