सहरसा में आज दिनांक 3 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, सहकारिता, उद्योग और विद्युत सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि रबी मौसम में गेहूं, चना, मसूर, मटर, सरसों, तीसी, स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न समेत कुल आठ प्रकार के बीजों का वितरण किया गया। कुल लक्ष्य 11168.54 क्विंटल के विरुद्ध 11167.98 क्विंटल बीज किसानों के बीच वितरित किया गया, जिससे सहरसा जिला बीज वितरण में पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी ने कृषि विभाग की सराहना करते हुए इसी तरह कार्य करने का निर्देश दिया।
रबी मौसम में विभिन्न फसलों के लिए निर्धारित 84017.68 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत आच्छादन पूरा कर लिया गया है। उर्वरक की उपलब्धता पर बताया गया कि जिले में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने उर्वरक के भंडारण, वितरण और बिक्री की नियमित जांच कर किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उद्यान विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नारियल, आम, केला और फूल उत्पादन के लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं। हालांकि जिलाधिकारी ने प्रखंड उद्यान पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए सभी को मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में टीकाकरण और ईयर टैगिंग में शत-प्रतिशत उपलब्धि की जानकारी दी गई, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया।
लघु सिंचाई विभाग ने बताया कि 60 ट्यूबवेल में से 47 कार्यरत हैं, शेष की मरम्मत हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं मुख्य नहर से बालू हटाने का कार्य जारी रहने के कारण फिलहाल पानी की आपूर्ति बाधित है।
उद्योग विभाग, सहकारिता, विद्युत और मापतौल विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध कार्य और राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त सहित सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
