भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पुल पर मानवता और कर्तव्य का एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। 112 में तैनात सब-इंस्पेक्टर सिकंदर कुमार ने अपनी सूझबूझ, साहस और संवेदनशीलता से एक महिला और उसके मासूम बच्चे की जान बचाकर यह साबित कर दिया कि पुलिस की वर्दी सिर्फ़ ड्यूटी तक सीमित नहीं होती, बल्कि फर्ज़ हर पल ज़िंदा रहता है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवगछिया में ड्यूटी समाप्त करने के बाद SI सिकंदर कुमार भागलपुर स्थित अपने रूम लौट रहे थे। इसी दौरान विक्रमशिला सेतु पुल पर उनकी नज़र एक महिला पर पड़ी, जो अपने छोटे बच्चे के साथ असामान्य व्यवहार कर रही थी। हालात को भांपते ही सिकंदर कुमार ने सतर्कता बरती और महिला की ओर बढ़े, लेकिन तभी महिला अपने बच्चे के साथ गंगा नदी में छलांग लगाने लगी।

 

स्थिति बेहद गंभीर थी, लेकिन किस्मत ने भी साथ दिया। महिला की साड़ी पुल की रेलिंग में फंस गई। बिना एक पल गंवाए SI सिकंदर कुमार ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए महिला को अपनी ओर खींचना शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर पूरी ताकत लगाकर महिला को भी पुल पर खींच लिया। कुछ ही सेकंड में एक बड़ा हादसा टल गया।

 

घटना के बाद SI सिकंदर कुमार ने महिला को शांत किया और उसे समझा-बुझाकर बरारी थाना (TOP) ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी और सामाजिक प्रक्रिया पूरी की गई। महिला और बच्चे दोनों सुरक्षित हैं।

 

इस पूरे घटनाक्रम को देखकर पुल पर मौजूद लोग भावुक हो उठे और SI सिकंदर कुमार की बहादुरी की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि अगर समय पर यह साहसिक कदम नहीं उठाया जाता, तो परिणाम बेहद दुखद हो सकता था।

 

विक्रमशिला सेतु पर हुआ यह घटनाक्रम पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण है। ड्यूटी खत्म होने के बाद भी फर्ज़ निभाने वाले SI सिकंदर कुमार का यह कार्य न सिर्फ़ प्रशंसनीय है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी है।

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