भागलपुर जिले के चौसा थाना क्षेत्र से एक बार फिर अंधविश्वास और अमानवीय हिंसा का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पड़ोसियों ने डायन का आरोप लगाकर एक ही परिवार के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसमें पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सभी को बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

 

घायलों की पहचान भागो देवी, उनकी पुत्री आरती कुमारी, दूसरी पुत्री पूजा कुमारी, उनके पति और बेटे के रूप में हुई है। मारपीट में सभी को सिर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई।

 

पीड़िता भागो देवी ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले भूलचरण मंडल सहित किरो देवी, केली देवी, फूली देवी और बीरन देवी लंबे समय से उन्हें डायन कहकर प्रताड़ित कर रहे थे। पीड़िता के अनुसार आरोपी अक्सर तलवार और अन्य धारदार हथियार लेकर जान से मारने की धमकी देते थे। उनका कहना है कि आरोपी कहते थे, “तुमने मेरी बकरी को खा लिया, बेटे को मार दिया, तुम्हें जान से मार देंगे।” इसी अंधविश्वास के चलते कई बार उन पर हमला किया जा चुका है।

 

घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार भय के साए में जीने को मजबूर है। पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद वे लोग पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने पहले इलाज कराने की सलाह दी है। इलाज के बाद मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

 

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और कानून के भय के अभाव को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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