भागलपुर जिले के सजौर थाना क्षेत्र में दर्ज एक लूट के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 20 नवंबर 2025 को दर्ज इस एफआईआर में भारत फाइनेंस में कार्यरत 24 वर्षीय युवक रिंकू कुमार, पिता अजय मंडल, ने खुद ही लूट की झूठी कहानी रचकर पुलिस को गुमराह किया था। पुलिस की गहन जांच के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिंकू कुमार ने सजौर थाना में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि वह कलेक्शन का कार्य कर एक लाख 32 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लेकर अकेले लौट रहा था। इसी दौरान उसके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया।

 

लगातार दो महीने तक चले अनुसंधान के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। जांच के क्रम में जब पुलिस ने रिंकू कुमार के घर की तलाशी ली, तो वहां से वही मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसे उसने लूट के दौरान छीने जाने की बात कही थी। मोबाइल की बरामदगी के बाद पुलिस को पूरे मामले पर संदेह गहराने लगा।

 

इसके बाद पुलिस ने रिंकू कुमार से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वह टूट गया और उसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। रिंकू कुमार ने स्वीकार किया कि उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी कारण उसने एक षड्यंत्र के तहत खुद ही लूट की झूठी कहानी गढ़ी और नाटकीय तरीके से घटना को अंजाम देकर पुलिस में झूठा मामला दर्ज कराया।

 

अनुसंधान में यह भी सामने आया कि कथित लूट के दौरान खून के जो निशान मिले थे, वे भी रिंकू कुमार के ही घर से बरामद हुए थे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि पूरी घटना मनगढ़ंत थी। इस मामले का खुलासा पुलिस द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में किया गया।

 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल रिंकू कुमार का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है, हालांकि मामले को लेकर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है और आगे की जांच जारी है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की झूठी सूचना या मनगढ़ंत घटना की जानकारी पुलिस को न दें, क्योंकि इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है और पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग होता है।

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