भागलपुर से लापता दो छात्राएँ सोनाक्षी और जिया को पुलिस ने मुंबई से सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों छात्राएँ 8 जनवरी को घर से स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटीं। काफी खोजबीन के बाद 9 जनवरी को परिजनों ने बबरगंज थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया। इस टीम की मॉनिटरिंग सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह कर रहे थे। आठ सदस्यीय एसआईटी टीम ने इस दौरान तीन जिलों में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की और कई अहम सुराग जुटाए।
पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, रेलवे टिकट और तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियों को आपस में जोड़ते हुए दोनों छात्राओं की लोकेशन ट्रेस की। इसी कड़ी में पुलिस को सफलता मिली और दोनों छात्राओं को मुंबई से सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामदगी के बाद बबरगंज पुलिस ने लापता छात्रा के पिता को सूचना दी कि उनकी बेटी मुंबई में सुरक्षित है।
सूचना मिलते ही छात्रा के पिता थाना पहुंचे, जहां से पुलिस उन्हें SSP कार्यालय लेकर गई। बेटी के सकुशल मिलने की खबर सुनते ही परिजनों ने राहत की सांस ली और भागलपुर पुलिस का आभार जताया। सोनाक्षी की मां ने कहा कि यदि पुलिस इसी तरह सक्रिय और संवेदनशील रहे तो बिहार जरूर सुधरेगा। उन्होंने मीडिया कर्मियों का भी धन्यवाद देते हुए कहा कि मीडिया ने उनकी आवाज को बुलंद किया, जिसका सकारात्मक नतीजा आज सामने आया है।
मामले को लेकर SSP प्रमोद कुमार ने प्रेस वार्ता कर बरामदगी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 9 जनवरी को शिकायत मिलने के बाद से ही पुलिस लगातार जांच में जुटी थी। एसआईटी टीम के साथ-साथ डीआईयू टीम को भी इस अभियान में शामिल किया गया था। SSP ने बताया कि दिल्ली और मुंबई पुलिस से भी समन्वय स्थापित कर मानवीय और तकनीकी दोनों स्तर पर जांच की गई। दोनों छात्राओं के मिसिंग फोटो भी सार्वजनिक किए गए थे।
अंततः मुंबई के डोंगरी सीएचसी के पास दोनों बच्चियों को सकुशल बरामद किया गया। लापता छात्रा के पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 24 दिन बाद उनकी बच्चियों का सुराग मिला है। SSP प्रमोद कुमार ने बताया कि भागलपुर पुलिस की एक टीम परिजनों के साथ मुंबई रवाना हो रही है, ताकि दोनों छात्राओं को सुरक्षित घर लाया जा सके।
