सहरसा मुख्य बस पड़ाव पर टेंपू चालकों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। बस स्टैंड के निर्माण के बाद यहां से चलने वाले ऑटो, टेंपू, टोटो और सीएनजी वाहनों से प्रति ट्रिप ₹30 की जबरन वसूली किए जाने का आरोप टेंपू चालकों ने लगाया है। चालकों का कहना है कि बस पड़ाव परिसर में मौजूद कुछ असामाजिक तत्व खुद को जिम्मेदार बताकर वाहन चालकों से जबरन पैसे वसूल रहे हैं।
टेंपू चालकों के अनुसार, यह वसूली न तो नगर निगम द्वारा अधिकृत है और न ही किसी आधिकारिक रसीद के साथ की जा रही है। इससे न केवल उनकी रोजाना की आमदनी प्रभावित हो रही है, बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। चालकों ने बताया कि कई बार विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया है।
इस अवैध वसूली के विरोध में टेंपू चालकों ने नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस वसूली पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मामले को लेकर जब हमारे संवाददाता ने नगर आयुक्त से फोन पर संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि नगर निगम द्वारा केवल निर्धारित टैक्स की ही वसूली की जाती है, वह भी बस स्टैंड के भीतर तय स्थान पर। नगर आयुक्त ने कहा कि बस स्टैंड के बाहर या किसी अन्य स्थान पर नगर निगम द्वारा किसी प्रकार की वसूली नहीं की जाती।
नगर आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि अवैध वसूली की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाने में आवेदन दिया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई करती है और पुलिस को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल टेंपू चालक प्रशासन और पुलिस से यह मांग कर रहे हैं कि बस पड़ाव परिसर में अवैध वसूली करने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि वे बिना डर और दबाव के अपनी रोजी-रोटी कमा सकें। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कदम उठाते हैं।
