सहरसा शहर में मध्यरात्रि के समय नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई ने हड़कंप मचा दिया। वीर कुंवर सिंह चौक के पास नगर निगम की टीम ने अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग को हटाने का काम शुरू किया, जिससे शहर में चर्चा और विवाद दोनों शुरू हो गए। नगर आयुक्त प्रभात कुमार ने बताया कि अवैध होर्डिंगों के कारण नगर निगम को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा था।

 

नगर निगम ने पहले भी कई बार लाउडस्पीकर और नोटिस के माध्यम से होर्डिंग मालिकों को सूचित किया था कि वे अपने अवैध होर्डिंग हटा लें या निगम में जाकर रसीद कटवाएं। बावजूद इसके नियमों का पालन नहीं होने पर निगम को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि दिन में सड़क जाम और यातायात की समस्या न हो, इसलिए कार्रवाई रात के समय की गई।

 

इस कार्रवाई के दौरान शहर के कई व्यापारी नाराज नजर आए। कुमार अमर ज्योति नामक व्यापारी ने नगर निगम की इस कदम पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि निगम ने किसी प्रकार की व्यक्तिगत सूचना नहीं दी और आधी रात में अचानक होर्डिंग हटाने का काम शुरू कर दिया। इसके कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हुआ। व्यापारी ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी आवश्यक राजस्व जमा किया है और भविष्य में नियमों के तहत भुगतान करने को तैयार हैं, लेकिन नगर निगम की इस अचानक और मनमानी कार्रवाई से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

शहर के आम लोगों ने भी इस कार्रवाई पर mixed प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने निगम की कार्रवाई को आवश्यक और समय पर लिया गया कदम बताया, क्योंकि अवैध होर्डिंग सड़कों पर अड़चन और शहर के सौंदर्यीकरण में बाधा डाल रही थी। वहीं, कई लोग व्यापारी वर्ग की चिंता को जायज़ मानते हुए शिकायत की कि निगम को कार्रवाई से पहले व्यक्तिगत सूचना देना चाहिए था।

 

नगर निगम का कहना है कि भविष्य में भी नियमों का पालन नहीं करने वाले अवैध होर्डिंग मालिकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, शहर में इस मध्यरात्रि बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद जारी है और लोग सोशल मीडिया तथा स्थानीय स्तर पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। इस घटना ने नगर निगम और व्यापारियों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को फिर से सामने ला दिया है।

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