सहरसा जिले के लिए बिहार सरकार की ओर से एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात की घोषणा की गई है। बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन ने जिले में एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए 720 बेड की क्षमता वाला आवासीय अंबेडकर छात्रावास बनाए जाने की घोषणा की है। यह घोषणा बुधवार की शाम सहरसा सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान की गई।
मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन ने कहा कि राज्य सरकार एससी-एसटी वर्ग के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से वे बिहार के सभी प्रमंडलीय मुख्यालयों में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं। सहरसा में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला कल्याण पदाधिकारी समेत प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में सहरसा जिले में मात्र 75 बेड की क्षमता वाला अंबेडकर छात्रावास संचालित है, जो छात्रों की संख्या के मुकाबले बेहद अपर्याप्त है। जिले के एससी-एसटी वर्ग के कई छात्र एलएलबी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन आवासीय सुविधा के अभाव में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छात्रों की बढ़ती संख्या और जरूरतों को देखते हुए 720 बेड के नए आवासीय छात्रावास की स्वीकृति दी गई है।
इसके साथ ही मंत्री ने जानकारी दी कि जहां फिलहाल 75 बेड की सुविधा उपलब्ध है, वहां इसे बढ़ाकर 100 बेड तक विस्तारित करने और नए भवन निर्माण की भी योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन ने मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत एससी-एसटी बस्तियों में सामुदायिक केंद्रों के भौतिक सत्यापन तथा लंबित योजनाओं के शीघ्र निष्पादन के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने बासगीत पर्चा योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने और सरकारी सहायता व अनुदान से जुड़े मामलों को 15 दिनों के भीतर निष्पादित करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों को साकार करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
