भागलपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बीते 23 जनवरी की शाम करीब साढ़े चार बजे सरस्वती पूजा देखने पहुंचे 12वीं के छात्र शिवराज कुमार की उसके ही सहपाठी ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी। यह घटना मध्य विद्यालय कंझिया परिसर में हुई, जिसने न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था बल्कि स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
घटना के बाद से स्कूल प्रशासन में भय का माहौल बना हुआ है। प्राचार्य, शिक्षक और शिक्षिकाएं सभी दहशत में हैं। इसी कड़ी में प्रशिक्षु डीएसपी प्रेरणा कुमारी और मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष सफदर अली जांच के सिलसिले में स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे निडर होकर शिक्षण कार्य जारी रखें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व या संदिग्ध व्यक्ति स्कूल परिसर में नजर आए तो उसकी तस्वीर मोबाइल में कैद कर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
मध्य विद्यालय कंझिया के प्राचार्य सुधांशु शेखर तिवारी ने स्कूल की सुरक्षा को लेकर गंभीर खुलासे किए। उन्होंने बताया कि करीब तीन साल पहले कुछ लड़के स्कूल के पुराने भवन में बैठकर ब्राउन शुगर का सेवन कर रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन युवकों ने हथियार दिखाकर उन्हें वहां से भगा दिया। इस घटना की शिकायत तत्काल स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस से की गई थी, लेकिन जांच के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
प्राचार्य ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 के 22 दिसंबर को भी पुलिस से शिकायत की गई थी। पुलिस गश्त के लिए आई, लेकिन असामाजिक तत्व पुलिस को देखते ही फरार हो जाते हैं और पुलिस के जाते ही दोबारा स्कूल परिसर में जमावड़ा लगा लेते हैं। स्कूल की सबसे बड़ी समस्या यह है कि परिसर में चारदीवारी नहीं है। चारों ओर से आने-जाने के रास्ते खुले हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह कमजोर है। विभाग को कई बार चारदीवारी निर्माण के लिए लिखा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्राचार्य के अनुसार शिवराज और आरोपी एक-दूसरे के साथ अक्सर घूमते देखे जाते थे। हालांकि दोनों उच्च विद्यालय कंझिया के छात्र थे, इसलिए उनके चरित्र के बारे में विस्तृत जानकारी उन्हें नहीं थी। इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर स्कूलों की सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
