भागलपुर समेत पूरे देश में आज बैंक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल की। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर आयोजित की गई, जिसमें देश के 9 प्रमुख बैंक संगठनों ने एकजुट होकर हिस्सा लिया। हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंकों में सप्ताह में 5 दिन कार्य प्रणाली लागू करने की मांग है।
भागलपुर में इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, ग्रामीण बैंक सहित सभी सरकारी और गैर-सरकारी बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंक शाखाओं के बाहर कर्मचारी और अधिकारी धरना-प्रदर्शन करते नजर आए। ग्राहकों को नकद निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाओं में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस महाधरना को सफल बनाने में महिला कॉमरेड रितु सिंह, रिचा ठाकुर, शालिनी कुमारी, जय शेखर, अजीत कुमार, राम अवतार यादव, अंकित सिंह, माधव मोहन, पंकज कुमार, राकेश कुमार सहित इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया के कई कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई।
बैंक कर्मियों का कहना है कि देश की अन्य वित्तीय संस्थाओं और कई सरकारी विभागों में जहां 5-डे वर्क कल्चर पहले से लागू है, वहीं बैंकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे 6 दिन के कार्य घंटों को 5 दिनों में समायोजित करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें भी मानसिक शांति, स्वास्थ्य और परिवार के लिए समय चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ते कार्यभार और दबाव के कारण बैंक कर्मचारी तनाव का शिकार हो रहे हैं, जिसका असर उनकी सेहत और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
बैंक कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन और भी उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और बैंक प्रबंधन की होगी।
