भागलपुर जिले के तातारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत उर्दू बाजार स्थित काली मंदिर की जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि काली मंदिर से सटी लगभग एक कट्टा जमीन पर कुछ लोगों ने जबरन घेराबंदी कर निर्माण की तैयारी शुरू कर दी, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही मोहल्ले के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त जमीन पिछले करीब 25 वर्षों से काली मंदिर से जुड़े धार्मिक कार्यों के लिए उपयोग में लाई जा रही है। मंदिर का सामान, पूजा सामग्री और अन्य धार्मिक वस्तुएं लंबे समय से इसी जमीन पर रखी जाती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है, इसके बावजूद कुछ दबंग किस्म के लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने सीधे तातारपुर थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की और थानाध्यक्ष से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। काली मंदिर के पूर्व अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद गुप्ता ने बताया कि रविवार शाम कुछ लोग अचानक जमीन की घेराबंदी करने पहुंचे थे। जैसे ही इसकी जानकारी मोहल्ले के लोगों को मिली, सभी एकजुट होकर मौके पर पहुंचे और विरोध किया। उन्होंने साफ कहा कि यह जमीन मंदिर समिति के उपयोग में है और इसका धार्मिक महत्व है, इसलिए इस पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए तातारपुर थानाध्यक्ष ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को शांत रहने की अपील की गई है। साथ ही यह निर्णय लिया गया है कि आगामी शनिवार को थाना परिसर में दोनों पक्षों के कागजातों की जांच की जाएगी। कागजातों के सत्यापन के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

फिलहाल पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी बरकरार है। लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दोबारा मंदिर की जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि काली मंदिर की जमीन को स्थायी रूप से सुरक्षित किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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