भागलपुर से एक बेहद सनसनीखेज और अमानवीय मामला सामने आया है, जहां कोर्ट में मुंशी का काम करने वाले पति पर अपनी ही पत्नी को केस उठाने के लिए धमकाने और इंकार करने पर एसिड पिलाकर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। यह मामला लोदीपुर थाना क्षेत्र के तहबलपुर गांव का बताया जा रहा है। पीड़िता की पहचान रुखसाना खातुन के रूप में हुई है, जिन्हें गंभीर हालत में भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से डॉक्टरों ने स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया है।
पीड़िता की मां ने बताया कि रुखसाना की शादी लगभग 10 वर्ष पूर्व मोहम्मद जलाल से हुई थी। शादी के बाद से ही उसे लगातार दहेज और पारिवारिक कारणों को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। रुखसाना के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा है। आरोप है कि बेटियों के जन्म से पति और ससुराल पक्ष नाराज रहता था और एक बच्ची को बेचने या मार देने जैसी अमानवीय बातें कही जाती थीं।
मायके पक्ष का कहना है कि हाल के दिनों में मोहम्मद जलाल रुखसाना पर एक केस उठाने का दबाव बना रहा था। केस नहीं उठाने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। इसी क्रम में पति, चाचा और ससुर ने मिलकर रुखसाना को जबरदस्ती एसिड पिलाकर मारने की कोशिश की।
इस पूरी घटना की प्रत्यक्षदर्शी रुखसाना की 10 वर्षीय बेटी ने बताया कि उसके पिता, चाचा और दादा ने उसकी मां के साथ यह क्रूर हरकत की। बच्ची किसी तरह अपने ननिहाल पहुंची और पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद नानी, मामी और बुआ मौके पर पहुंचे और रुखसाना को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी मोहम्मद जलाल भागलपुर कोर्ट में मुंशी के पद पर कार्यरत है और अपने पद का प्रभाव दिखाकर पीड़िता को डराता-धमकाता रहा है। घटना की सूचना लोदीपुर थाना को दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में आक्रोश है। फिलहाल पीड़िता का इलाज जारी है और परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
