सहरसा इवनिंग कॉलेज में अवैध वसूली और छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया है। छात्रों का आरोप है कि कुछ प्रोफेसर एडमिशन और परीक्षा फॉर्म के नाम पर जबरन पैसे वसूलते हैं और उन्हें डराकर भविष्य खराब करने की धमकी देते हैं। छात्र-छात्राओं का कहना है कि पैसे नहीं देने पर अटेंडेंस काटने और रिजल्ट प्रभावित करने की चेतावनी दी जाती है, जिससे वे भय के माहौल में पढ़ाई करने के लिए मजबूर हैं।
छात्रा सना परवीन ने बताया कि कॉलेज में एडमिशन के नाम पर ₹2100 की वसूली की गई। वहीं परीक्षा फॉर्म के लिए तय राशि ₹1200 होने के बावजूद छात्रों से ₹1700 लेने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज में नियमित पढ़ाई नहीं होती और कई प्रोफेसर अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इस मामले में छात्रों ने सदर थाना में आवेदन देकर आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का प्रदर्शन कॉलेज परिसर में भी देखा गया, जहां उन्होंने अपने अधिकारों की सुरक्षा और उचित शिक्षा की मांग की।
वहीं परीक्षा नियंत्रक राजकुमार झा ने आरोपों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों को भड़काकर गलत सूचना फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों के हित में जो राशि वर्ष 2021 से कॉलेज को निर्गत करनी थी, वह अब तक कॉलेज को प्राप्त नहीं हुई, इसलिए पैसे का वितरण नहीं हो सका।
पढ़ाई के अभाव के आरोप पर उन्होंने कहा कि सहरसा इवनिंग कॉलेज शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक संचालन करता है। वर्तमान में शिक्षकों की कमी के कारण केवल आर्ट्स विषयों की पढ़ाई संचालित हो रही है।
इस विवाद से कॉलेज परिसर में तनाव बढ़ गया है और अब प्रशासन से यह उम्मीद की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी। छात्रों ने आशंका जताई है कि यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी पक्षों की सुनवाई कर उचित कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा होने के कारण पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
