पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की छात्रा गायत्री के साथ कथित रूप से बलात्कार के बाद निर्मम हत्या की घटना ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर महिषी विधायक गौतम कृष्ण ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला बताया है।

विधायक गौतम कृष्ण ने कहा कि गायत्री की हत्या अत्यंत दुखद, अमानवीय और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजधानी पटना में छात्राओं की सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। यदि राजधानी में पढ़ने वाली छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो यह सरकार और प्रशासन की बड़ी विफलता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

गौतम कृष्ण ने बताया कि वे स्वयं पीड़िता के घर जहानाबाद जाकर उनके पिता, मामा और अन्य परिजनों से मिले हैं। उन्होंने कहा कि परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। पीड़िता के पिता गहरे सदमे में हैं और पेट व सिर में गंभीर दर्द से पीड़ित हैं, जिनका इलाज चल रहा है। परिवार पूरी तरह टूट चुका है और न्याय की आस लगाए बैठा है।

विधायक ने कहा कि सरकार ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया है, लेकिन केवल एसआईटी बनाना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि जांच कहीं औपचारिकता बनकर न रह जाए। उन्होंने मांग की कि एसआईटी को गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े हर व्यक्ति की गहन जांच करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता के घर पर निगरानी रखी जा रही है कि कौन आ-जा रहा है और क्या बातचीत हो रही है, जो बेहद चिंताजनक है।

गौतम कृष्ण ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं इस मामले में लीपापोती न की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि इस पूरे मामले की जांच CBI से कराई जाए, ताकि “बड़ी मछलियों को बचाने के लिए छोटी मछलियों की बलि” न दी जाए। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि सरकार इस मामले को आत्महत्या या सुसाइड घोषित करने का प्रयास कर सकती है।

विधायक ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। खगड़िया में चार साल की बच्ची के साथ हुई घटना भी उतनी ही निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग ऐसे मामलों में विरोध करते हैं, तो उन पर नामजद और अज्ञात मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया जाता है, यहां तक कि पत्रकारों को भी नहीं छोड़ा जाता।

अंत में गौतम कृष्ण ने कहा कि यदि आवाज उठाने पर आवाज को दबाया जाए, तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *