भागलपुर में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से आमजन को सुरक्षित रखने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से विशेष “भूकंप–नाटक” जागरूकता रथ को गांव–गांव के लिए रवाना किया गया। इस जागरूकता रथ को समाहरणालय परिसर से जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जो बिना चेतावनी के आ सकती है, इसलिए इससे बचाव के लिए पूर्व तैयारी, सही जानकारी और व्यवहारिक प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि इस जागरूकता अभियान के दौरान दी जा रही जानकारियों को गंभीरता से समझें और आपदा के समय उनका सही उपयोग करें।
डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब तक हर व्यक्ति को यह जानकारी नहीं होगी कि भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें, तब तक आपदा से होने वाले नुकसान को कम करना संभव नहीं है। इसी उद्देश्य से यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न गांवों और पंचायतों में जाकर लोगों को प्रशिक्षित करेगा।
यह जागरूकता रथ जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, भागलपुर के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। रथ के माध्यम से नाटक, संवाद और संदेशों के जरिए भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के उपायों को सरल भाषा में समझाया जा रहा है। इसमें बताया जा रहा है कि भूकंप आने पर घर के भीतर और बाहर क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, खुले स्थान पर कैसे सुरक्षित रहना है और अफवाहों से कैसे बचना है।
अभियान का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन शाखा, भागलपुर द्वारा किया गया है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जन-जागरूकता कार्यक्रमों से लोगों में आपदा के प्रति सजगता बढ़ेगी और आपात स्थिति में जान–माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और भूकंप से बचाव संबंधी जानकारियों को अपने परिवार और पड़ोसियों तक भी पहुंचाएं।
