भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड अंतर्गत नया टोला मीराचक निवासी लालू ऋषि देव इन दिनों गंभीर भूमि विवाद से जूझ रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा पर्चा के आधार पर मिली अपनी चार डिसमिल जमीन पर दबंगों के अवैध कब्जे से परेशान लालू ऋषि देव पिछले नौ वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है।
पीड़ित लालू ऋषि देव, चंद्रशेखर ऋषि देव के पुत्र हैं। उन्होंने बताया कि यह जमीन मौजा बरारी, थाना नंबर 22, खाता नंबर 206 और खेसरा नंबर 161 में स्थित है। सरकार द्वारा विधिवत रूप से उन्हें यह जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन कुछ दबंग किस्म के लोगों ने जबरन इस पर कब्जा कर लिया है। बार-बार आग्रह और आवेदन देने के बावजूद जमीन अब तक खाली नहीं कराई जा सकी है।
लालू ऋषि देव ने बताया कि वर्ष 2015 से वे लगातार विभिन्न पदाधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने भागलपुर में आयोजित भूमि जन संवाद कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार मंत्री से भी मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया और लिखित आवेदन सौंपा, लेकिन इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इतना ही नहीं, पीड़ित ने जिला के कई वरीय अधिकारियों को भी आवेदन दिया, मगर हर बार केवल आश्वासन ही मिला। लालू ऋषि देव का कहना है कि दबंगों के भय के कारण वे अपनी ही जमीन पर घर बनाने या खेती करने में असमर्थ हैं, जिससे उनका परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान है।
हाल ही में शनिवार को वे सबौर प्रखंड में अंचलाधिकारी द्वारा आयोजित जनता दरबार में भी पहुंचे थे, ताकि अपनी समस्या सीधे अधिकारियों के सामने रख सकें। लेकिन अंचलाधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण उस दिन जनता दरबार का आयोजन नहीं हो सका। इससे उन्हें एक बार फिर निराशा हाथ लगी और वे खाली हाथ लौटने को मजबूर हो गए।
पीड़ित लालू ऋषि देव ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि उनकी पर्चा की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे एक गरीब परिवार को उसका हक दिला पाएगा, या फिर लालू ऋषि देव की यह लड़ाई यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगी।
