भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय की इकाई एपीडा (APEDA) ने एग्री-फूड और एग्री-टेक सेक्टर को मजबूती देने के उद्देश्य से ‘भारती’ नामक एक नई पहल की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कृषि आधारित स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना और भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। एपीडा का मानना है कि ‘भारती’ योजना से देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और कृषि निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
इस पहल के तहत भविष्य में देश के टॉप 10 एग्री स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय फोरम पर अपने उत्पादों और नवाचारों को प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा। इससे न केवल स्टार्टअप्स को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि भारतीय कृषि की ताकत और संभावनाएं भी दुनिया के सामने आएंगी। एपीडा के अनुसार, इस पहल से किसानों, उद्यमियों और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे कृषि मूल्य श्रृंखला और मजबूत बनेगी।
इसी कड़ी में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में वर्तमान समय में 77 एग्री स्टार्टअप्स सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स कृषि उत्पादन, प्रोसेसिंग, फूड टेक्नोलॉजी और एग्री-इनोवेशन के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
डॉ. सिंह ने यह भी जानकारी दी कि आगामी फरवरी माह में “फूड सिस्टम्स इन ट्रांजिशन” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इस सेमिनार में भविष्य के भोजन, पोषण, टिकाऊ कृषि और बदलते खाद्य सिस्टम पर गहन चर्चा होगी। कार्यक्रम में मेक्सिको, थाईलैंड, ट्यूनीशिया, रूस, मलेशिया, ढाका, घाना समेत देश-विदेश से कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में फूड सेफ्टी और फूड क्वालिटी पूरी दुनिया की प्राथमिकता बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान के अनुरूप हर राज्य की विशिष्ट कृषि पहचान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में जीआई टैग को लेकर भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक 32 कृषि उत्पादों के लिए जीआई मान्यता हेतु आवेदन दाखिल किए जा चुके हैं। आने वाले समय में ये उत्पाद बड़े स्टार्टअप्स का रूप लेकर रोजगार सृजन और जीडीपी ग्रोथ को मजबूती दे सकते हैं।
