भागलपुर। वित्तीय वर्ष 2026 में यदि भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.4 प्रतिशत से अधिक रहती है, तो इसके पीछे देश के भीतर बढ़ता निवेश और उत्पादों का निर्यात सबसे अहम भूमिका निभाएगा। यह बात बिहार के भागलपुर जिले के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कही। वे भागलपुर में चल रही विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और निवेश की बढ़ती रफ्तार पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि भागलपुर जिले में लगातार तेज हो रही निर्माण गतिविधियां और निजी व सरकारी निवेश आने वाले समय में न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देंगी, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समग्र आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने बताया कि जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। सड़क निर्माण, आवासीय परियोजनाएं, औद्योगिक विकास और शहरी अधोसंरचना से जुड़ी कई योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

 

डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे लोगों की आय बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों में निरंतर विस्तार होगा। उनका मानना है कि जब जिला स्तर पर विकास मजबूत होता है, तो उसका सीधा और सकारात्मक असर राज्य और देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि भागलपुर में निवेश के अनुकूल माहौल बनने से छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष बढ़ावा मिल रहा है। इससे न केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का अवसर भी मिलेगा। निर्यात में बढ़ोतरी से जिले की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

 

जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में भागलपुर एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा, “एक डीएम होने के नाते मैं कह सकता हूं कि भागलपुर में निवेश की गति और निर्माण कार्यों की रफ्तार आने वाले समय में इलाकाई विकास के साथ-साथ इकोनॉमी ग्रोथ का एक बड़ा कारण बनेगी।”

 

प्रशासन का उद्देश्य है कि योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचे और भागलपुर विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का मजबूत उदाहरण बने।

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