भागलपुर। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भागलपुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रोहित पांडेय ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए जेएनयू में सामने आई गतिविधियों को देशद्रोही मानसिकता का प्रतीक बताया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की सोच और गतिविधियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

 

बीजेपी विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में देश के खिलाफ नारेबाजी करना या देश के शीर्ष नेताओं के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न केवल देश की एकता और अखंडता को चुनौती देती हैं, बल्कि युवाओं को भी गुमराह करने का काम करती हैं।

 

रोहित पांडेय ने जेएनयू प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस पूरे मामले को हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि गंभीरता से जांच कर दोषी छात्रों और संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।

 

विधायक रोहित पांडेय ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों से यदि राष्ट्रविरोधी विचारधारा को बढ़ावा मिलता है, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के केंद्रों का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक सोच का विकास होना चाहिए, न कि देश को तोड़ने वाली मानसिकता को बढ़ावा देना।

 

उन्होंने अपने बयान में दोहराया कि “विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि देश के खिलाफ या देश के बड़े नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की जाए। जेएनयू में जो घटनाक्रम सामने आया है, वह निंदनीय है और वहां के प्रबंधन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”

 

फिलहाल जेएनयू प्रकरण को लेकर सियासत तेज होती नजर आ रही है। सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाज़ी का दौर जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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