बिहार के न्यायिक तंत्र को दहला देने वाली खबर सामने आई है। किशनगंज, पटना सिटी और गया के न्यायालयों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर धमकी को देखते हुए एहतियातन भागलपुर व्यवहार न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल और अधिक सख्त कर दिया गया है।

 

भागलपुर कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है। कोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं, जबकि सुरक्षाकर्मी हैंड मेटल डिटेक्टर के माध्यम से वकीलों, फरियादियों और आम लोगों की सघन तलाशी ले रहे हैं। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही किसी को कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। इस दौरान कोर्ट परिसर में आने वाले लोगों को असुविधा जरूर हो रही है, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए लोग प्रशासन के इस कदम को जरूरी बता रहे हैं।

 

कोर्ट परिसर के अंदर और आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। सशस्त्र पुलिस, स्थानीय थाना पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की भी लगातार निगरानी की जा रही है। कोर्ट परिसर में तैनात पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए।

 

वहीं, ईमेल के जरिए भेजी गई धमकी की जांच के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। साइबर विशेषज्ञ धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मेल किस स्थान से और किसने भेजा है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि धमकी वास्तविक है या किसी शरारती तत्व द्वारा अफवाह फैलाने की कोशिश।

 

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा जांच में प्रशासन का सहयोग करें। इस धमकी के बाद न्यायालय परिसर में सतर्कता और चौकसी लगातार बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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