भागलपुर में बिहार की महिलाओं और बेटियों के सम्मान को लेकर सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया, जब महागठबंधन की ओर से एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयान के विरोध में आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन चौक से लेकर समाहरणालय गेट तक आक्रोशपूर्ण जुलूस निकाला और इसके बाद गिरधारी लाल साहू का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गिरधारी लाल साहू ने एक सार्वजनिक मंच से कहा था कि “बिहार में 20–25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं।” इस बयान को लेकर बिहार भर में आक्रोश है। महागठबंधन नेताओं ने इसे बिहार की महिलाओं और बेटियों का घोर अपमान बताते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि समाज में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली भी है।
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद गिरधारी लाल साहू ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, लेकिन महागठबंधन नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं। नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि चाहे कोई भी हो, महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता दल के भागलपुर जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव, महिला जिला अध्यक्ष सीमा जयसवाल, जदयू नेता जेड हसन, वीआईपी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी सुश्री अपर्णा, वीआईपी पार्टी की नेत्री अपर्णा, राबिया खातून सहित महागठबंधन के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि गिरधारी लाल साहू के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भागलपुर में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और मामला राज्यव्यापी बहस का विषय बन गया है।
