सहरसा जिले में सरकारी जमीन की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। सहरसा स्टेशन रोड स्थित गोशाला की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से जुड़े मामले में जिलाधिकारी द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच समिति को शीघ्र जांच पूरी कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है।

 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना था कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा सहन नहीं किया जाएगा और जांच में यदि अतिक्रमण या अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

इस मामले में प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि गोशाला की भूमि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा सरकारी जमीन का दुरुपयोग या अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की ठोस कार्रवाई तुरंत की जाए।

 

विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि सरकारी जमीन पर पारदर्शिता बनाए रखना और भ्रष्टाचार को रोकना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर जांच में लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

 

उपमुख्यमंत्री ने गोशाला जमीन मामले के साथ ही यह संदेश भी दिया कि जिले में सभी सरकारी संपत्तियों की निगरानी और सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहेगा और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

 

इस प्रकार उपमुख्यमंत्री की यह पहल सरकारी जमीन की सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

 

 

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