सहरसा जिले में भूमि सुधार एवं जनकल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सरकारी जमीन की सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर दिया। सत्तर कटैया प्रखंड क्षेत्र के माधवेन्द्र सिंह ने सहरसा जिले में सीलिंग में अर्जित सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री के मामले की शिकायत की।
उपमुख्यमंत्री ने फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को तुरंत इस अवैध गतिविधि को रोकने और अब तक हुई रजिस्ट्रियों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने डीसीएलआर कार्यालय में लंबित सीलिंग भूमि से जुड़े दाखिल-खारिज वादों को तत्काल समाप्त करने का निर्देश भी जारी किया।
विजय सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार की अवैध खरीद-फरोख्त बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उनका कहना था कि सरकारी जमीन की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी प्रकार की ढिलाई सहन नहीं की जाएगी।
इस दौरान उन्होंने सहरसा स्टेशन रोड स्थित गोशाला को खाली कराने से जुड़े मामले पर भी ध्यान दिया। जिलाधिकारी द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच समिति को शीघ्र जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा और उसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि समय पर कार्रवाई न होने पर जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने भूमि सुधार और जनकल्याण के सभी कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सहरसा में उपमुख्यमंत्री की यह कार्रवाई सरकारी जमीन की सुरक्षा और भ्रष्टाचार रोकने के प्रति सरकार की सख्त नीति का संदेश मानी जा रही है।
