भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 19 के सीतारामपुर गांव में हुई अग्निकांड की घटना अब एक नया मोड़ लेती नजर आ रही है। इस मामले में नामजद आरोपी बंटी कुमार चौधरी और गोल्डन कुमार चौधरी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए खुद को निर्दोष बताया है और पूरे घटनाक्रम को साजिश करार दिया है।
आरोपियों के अनुसार, 29 दिसंबर की शाम करीब सात बजे पंकज कुमार साह अपनी पत्नी, पुत्र, मां और गौतनी के साथ उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई। बंटी और गोल्डन का कहना है कि इस घटना से भयभीत होकर उन्होंने उसी दिन रात करीब नौ बजे सुल्तानगंज थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोपियों का दावा है कि उसी घटना को आधार बनाकर पंकज कुमार साह ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की नीयत से अपनी ही मां के स्वामित्व वाले सरस्वती टेंट हाउस के गोदाम में आग लगा दी। उनका कहना है कि आगजनी की इस घटना को जानबूझकर उनके ऊपर थोपने का प्रयास किया गया, ताकि पहले से दर्ज मामले को दबाया जा सके और उन्हें फंसाया जा सके।
बंटी और गोल्डन चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि आगजनी के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि सच्चाई सामने आने पर असली दोषी बेनकाब होंगे।
वहीं, आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। सुल्तानगंज थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है।
फिलहाल पुलिस आगजनी के कारणों, घटनाक्रम की टाइमलाइन और आपसी विवाद के बिंदुओं को खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आगजनी की घटना दुर्घटना थी, साजिश थी या फिर किसी को फंसाने की कोशिश। पुलिस का दावा है कि दोषी चाहे जो भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
