बिहार के भोजपुर जिले के आरा से बड़ी खबर सामने आई है, जहां विशेष निगरानी विभाग की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए आरा सदर प्रखंड कार्यालय में तैनात एक पंचायत सचिव को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के एवज में 10 हजार रुपये की अवैध वसूली के मामले में की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मोतिहारी जिले के पीपरा निवासी शिकायतकर्ता नवीन कुमार सिंह की बेटी की शादी आरा सदर प्रखंड के दरियापुर गांव में हुई है। उनकी बेटी अपनी सास का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले चार महीनों से लगातार प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रही थी। इस दौरान दौलतपुर पंचायत के पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने प्रमाण पत्र जारी करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता के काफी अनुरोध के बाद सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ।
आरोप है कि पंचायत सचिव ने साफ तौर पर कह दिया था कि जब तक पैसे नहीं दिए जाएंगे, तब तक जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनेगा। फॉर्म पर बीडीओ से हस्ताक्षर हो जाने के बावजूद पंचायत सचिव लगातार टालमटोल करता रहा और रिश्वत की मांग करता रहा।
इससे परेशान होकर पीड़िता ने 29 दिसंबर को विशेष निगरानी विभाग में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मामले का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद मंगलवार को विशेष निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही पंचायत सचिव उप प्रमुख के चैंबर के पास शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेकर टेबल के नीचे रख रहा था, तभी टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।
इस संबंध में विशेष निगरानी विभाग के डीएसपी चंद्र भूषण ने बताया कि पंचायत सचिव द्वारा जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए अवैध राशि मांगे जाने की शिकायत मिली थी। जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत सचिव द्वारा यह काम बीडीओ के कहने पर किए जाने की बात सामने आई है, जिसकी भी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार पंचायत सचिव शेखपुरा जिले के कुसुमा हॉल्ट का निवासी है और पिछले तीन वर्षों से दौलतपुर पंचायत में पदस्थापित था। इस कार्रवाई के बाद आरा सदर प्रखंड कार्यालय में हड़कंप मच गया है। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही जा रही है।
