भागलपुर में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 के तहत एक अहम मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। उत्पाद-एक के विशेष न्यायाधीश सौरभ कुमार वर्मा की अदालत ने कहलगांव अनुमंडल के अमडंडा थाना कांड संख्या 111/21 में अदालती कार्यवाही पूरी करते हुए 22 वर्षीय अभियुक्त अनिल कुमार को पांच साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
यह मामला विशेष वाद संख्या 1778/21 से जुड़ा है। उत्पाद-एक के अपर विशेष लोक अभियोजक ईश्वर चन्द्र झा ने बताया कि यह पूरा मामला अमडंडा थाना क्षेत्र का है। घटना के समय अमडंडा थाना की पुलिस गश्ती पर थी। इसी दौरान रानी बभिया स्थित शिव मंदिर के पास छटपटिया चौक से संहौला जाने वाली मुख्य सड़क पर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।
चेकिंग के दौरान पुलिस को एक तेज रफ्तार झारखंड नंबर की आल्टो कार आती हुई दिखाई दी। जब पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी की दिशा बदलकर भागने की कोशिश की। हालांकि गश्ती दल की सतर्कता के कारण वह भागने में सफल नहीं हो सका। कार को शिव मंदिर के पास खड़ा कर आरोपी फरार होने लगा, लेकिन पुलिस के सशस्त्र बलों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस ने उक्त आल्टो कार से लगभग 90 लीटर विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब बरामद की। पूछताछ में गिरफ्तार युवक ने अपना नाम अनिल कुमार बताया, जो मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के किशनपुर निवासी ब्रह्मदेव यादव का पुत्र है।
विशेष अपर लोक अभियोजक ईश्वर चन्द्र झा ने बताया कि बीते 10 दिसंबर को ही कोर्ट ने अभियुक्त अनिल कुमार को दोषी करार दे दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए बुधवार की तिथि निर्धारित थी, जिस पर आज न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए पांच साल की कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इस मामले में सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक वासुदेव प्रसाद साह ने भी बहस में हिस्सा लिया और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट के समक्ष अभियुक्त के अपराध की गंभीरता को मजबूती से रखा। कोर्ट के इस फैसले को मद्य निषेध कानून के तहत एक कड़ा और अहम संदेश माना जा रहा है।
