धनबाद में कांग्रेस और प्रशासन के बीच टकराव अब खुलकर सामने आने लगा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने धनबाद अंचलाधिकारी यानी सीओ के खिलाफ धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है कि हाल ही में कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन प्रशासन की ओर से उन पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर दिया गया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने सीओ पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि संबंधित अधिकारी अपनी कार्यशैली से राज्य सरकार की छवि खराब कर रहे हैं और जनता के बीच प्रशासन की विश्वसनीयता कमजोर हो रही है। उन्होंने मांग की कि ऐसे अधिकारियों पर सरकार तत्काल सख्त कार्रवाई करे।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उक्त अंचलाधिकारी पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार, आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लग चुके हैं। उस मामले में भी थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
जिलाध्यक्ष ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है, लेकिन अधिकारियों की मनमानी और तानाशाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की तो पार्टी सड़क से लेकर आंदोलन तक का रास्ता अपनाएगी।
अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर पुलिस और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
संवाददाता : नीतीश कुमार
धनबाद में कांग्रेस बनाम प्रशासन की जंग तेज, सीओ पर एफआईआर दर्ज कर कांग्रेस ने खोला मोर्चा


