भागलपुर शहर इन दिनों भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से कराह रहा है। विशेषकर दक्षिणी क्षेत्र में स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि आम लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो गया है। सरमसपुर–गोराडीह रोड पर बौंसी रेलवे पुल के समीप प्रतिदिन कई घंटे जाम लगना आम बात बन गई है। आलम यह है कि रेल पुल के दोनों ओर मुख्य सड़क पर पैदल चलना भी लोगों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है।

 

स्कूली बसों, एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन जाम के बीच घंटों रेंगने को मजबूर हैं। गुढ़हट्टा चौक से शीतला स्थान चौक और फिर आगे बौंसी रेलवे पुल तक स्कूल समय के दौरान सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव देखा जा रहा है। इस दौरान सड़क पर वाहन हॉर्न बजाते आगे बढ़ने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं।

 

एक निजी स्कूल के संचालक **राकेश कुमार उर्फ कन्हैया** ने बताया कि उनके स्कूल की कोई बस इस मार्ग से नहीं गुजरती, फिर भी जाम के कारण रोज स्कूल के सुरक्षा गार्ड को सड़क पर उतरकर ट्रैफिक सँभालना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बुधवार को स्थिति इतनी भयावह थी कि एक एम्बुलेंस तक को निकलने में घंटों लग गए। जबकि घंटे-घंटे की देरी मरीजों के जीवन पर भारी पड़ सकती है।

 

वहीं सरमसपुर निवासी **संजीत कुमार** ने कहा कि इस रूट में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती अक्सर नहीं रहती जिसके कारण कुछ वाहन चालक मनमर्जी से गलत दिशा में गाड़ी भगा देते हैं और जाम और घना हो जाता है। उन्होंने बताया कि सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक यहां जाम में फंसे रहना आम हो गया है।

 

लोगों का कहना है कि बौंसी रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य के पाइलिंग एरिया में **वन-वे डायवर्जन** किए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। इस मार्ग पर गाड़ियाँ कम दूरी में ही घंटों फंस जा रही हैं। इसके साथ ही उड़ती धूल ने यहाँ के निवासियों की सांसें और दिक्कतें बढ़ा दी हैं।

 

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और यातायात विभाग से मांग की है कि सुबह-शाम ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की जाए, निर्माण स्थल के पास वैकल्पिक मार्ग बनाए जाएँ और सड़क पर धूल नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाए ताकि राहत मिल सके।

 

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