भागलपुर के नवगछिया तेतरी जीरो माइल के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में शिक्षक सुशील कुमार और राजेश जी की दुखद मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल है। दोनों शिक्षकों के परिजनों को न्याय दिलाने और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर शिक्षकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान प्रतिभागियों ने सरकार पर दबाव बनाने हेतु आवाज बुलंद की कि सड़क सुरक्षा को सख्ती से लागू किया जाए और मृत शिक्षकों के परिवारों को तत्काल उचित आर्थिक सहायता मिले।
कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और हाथों में मोमबत्ती व तख्तियां लेकर सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता संदेश भी दिया। कार्यक्रम में कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व विधान परिषद प्रत्याशी एवं बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्गत वर्तमान प्रत्याशी डॉक्टर संजीव कुमार पोद्दार भी मौजूद रहे। उन्होंने हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ दो परिवारों की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज पर आई पीड़ा है।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष सैकड़ों शिक्षक व आम नागरिक सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं, इसलिए अब समय आ गया है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करे। पोद्दार ने इस दौरान कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं— सड़क किनारे पर्याप्त लाइट की व्यवस्था, खतरनाक जगहों पर संकेत बोर्ड लगाना, और विशेषकर शिक्षकों के आवागमन के दौरान सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के लिए हर प्रखंड मुख्यालय पर रोड सेफ्टी कर्मियों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
डॉ. पोद्दार ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मृत शिक्षकों के परिवारों को बिना देरी मुआवजा मिलना चाहिए ताकि उनके आश्रितों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी अपील की कि इस घटना को सिर्फ संवेदना तक सीमित न रखा जाए, बल्कि एक मजबूत रोड सेफ्टी नीति लागू कर इसे बदलाव का आधार बनाया जाए।
जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कैंडल मार्च के समापन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत शिक्षकों को श्रद्धांजलि दी गई।
