गुणवत्ता को लेकर नाराज छात्र बोले – कार्रवाई तक नहीं खुलेगी मेस

 

सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज में मंगलवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हॉस्टल मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई। छात्रों ने बताया कि रात के खाने की करीब चार से पांच प्लेटों में कीड़े पाए गए। जैसे ही यह बात फैली, हॉस्टल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। छात्र प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।

 

छात्रों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब मेस के खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। बी.टेक के छात्र **आशुतोष कुमार** ने बताया कि पिछले कई दिनों से खराब भोजन की शिकायत की जा रही थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया। छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने दोबारा शिकायत की, तो प्राचार्य ने कहा कि “जिनकी थाली में कीड़े मिले हैं, वे खाना न खाएं।” इस बयान से छात्रों की नाराजगी और बढ़ गई।

 

घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज परिसर में रात देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। छात्रों ने सामूहिक रूप से मेस सेवा को बंद करा दिया और मांग की कि जब तक भोजन की गुणवत्ता में सुधार और जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक मेस नहीं खुलेगी।

 

विरोध के बीच छात्रों ने यह भी कहा कि कॉलेज प्रशासन को नियमित रूप से मेस की जांच करनी चाहिए और छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना था कि “हम यहां पढ़ाई करने आए हैं, बीमार होने नहीं। हर महीने मेस का शुल्क देने के बावजूद हमें स्वच्छ और पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा।”

 

वहीं कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए **प्रभारी प्राचार्य प्रो. डॉ. आर.सी. प्रसाद** ने कहा कि छात्रों की शिकायत की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मेस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है ताकि स्थिति सामान्य की जा सके। प्राचार्य ने कहा, “हम छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। शिकायतों की सत्यता की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”

 

इस बीच, हॉस्टल में रह रहे छात्रों को खाने की परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन ने अस्थायी रूप से छात्रों को बाहर से भोजन की व्यवस्था करने की सलाह दी है।

 

कॉलेज परिसर में बुधवार को भी चर्चा का विषय यही बना रहा। कुछ छात्रों का कहना था कि कॉलेज के भीतर स्वच्छता व्यवस्था और मेस की निगरानी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले दिनों में खाने की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।

 

सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज में यह विवाद कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद की कमी को उजागर करता है। फिलहाल छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे, जबकि प्रशासन ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *