बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया व्यवहार न्यायालय में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब चोरी के आरोप में पेशी के लिए लाया गया एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर कोर्ट की पहली मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश करने लगा। इस अचानक हुई घटना ने न्यायालय परिसर में अफरातफरी मचा दी। आरोपी की इस दुस्साहसिक हरकत को रोकने के लिए ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड जवान ने भी जान की परवाह किए बिना उसी मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना कैसे हुई:
जानकारी के अनुसार, इस्माइलपुर थाना क्षेत्र की पुलिस चोरी के आरोप में गिरफ्तार सोनू कुमार को शनिवार को नवगछिया व्यवहार न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आई थी। पेशी की कार्यवाही के दौरान आरोपी ने मौका पाकर पुलिसकर्मियों को चकमा दिया और न्यायालय भवन की पहली मंजिल से नीचे कूद गया। इस अचानक हुई हरकत से मौजूद पुलिस बल और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आरोपी को पकड़ने के लिए होमगार्ड सिपाही कुंदन कुमार सिंह ने बिना एक पल गंवाए उसी मंजिल से छलांग लगा दी। जमीन पर गिरने से दोनों को गंभीर चोटें आईं और वे वहीं गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों को उठाकर इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भेजा, जहां उनका उपचार चल रहा है।
होमगार्ड की बहादुरी की चर्चा:
इस पूरे घटनाक्रम में होमगार्ड सिपाही कुंदन कुमार सिंह की बहादुरी की जमकर सराहना हो रही है। उन्होंने आरोपी को भागने से रोकने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी। हालांकि छलांग लगाने से उन्हें भी गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी तत्परता से आरोपी को कोर्ट परिसर से ज्यादा दूर नहीं भागने दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया नया केस:
इस्माइलपुर थानाध्यक्ष धीरज कुमार ने बताया कि आरोपी सोनू कुमार के खिलाफ नवगछिया थाना में नया मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा —
“चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी सोनू कुमार ने कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर छत से कूदने की कोशिश की थी। लेकिन मौके पर मौजूद बीएचजी जवान ने खदेड़कर उसे कोर्ट परिसर में ही पकड़ लिया। इस दौरान जवान मामूली रूप से जख्मी हुए हैं और दोनों का इलाज अनुमंडल अस्पताल में चल रहा है।”
थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि आरोपी की इस हरकत को गंभीर चूक मानते हुए उसके खिलाफ पुअनि धीरेंद्र राय के बयान पर अतिरिक्त केस दर्ज किया गया है।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल:
इस घटना के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यह पहली बार नहीं है जब किसी आरोपी ने पुलिस की मौजूदगी में भागने की कोशिश की हो। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने मांग की है कि न्यायालय परिसर में सुरक्षा को और सख्त किया जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
निष्कर्ष:
नवगछिया व्यवहार न्यायालय की यह घटना न केवल पुलिस की सतर्कता की परीक्षा थी बल्कि होमगार्ड की बहादुरी का भी उदाहरण बन गई। जहां एक ओर आरोपी ने न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए जान जोखिम में डाली, वहीं दूसरी ओर सिपाही ने कर्तव्यपालन में अपनी जान दांव पर लगा दी। फिलहाल दोनों का इलाज जारी है और पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नया मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
