भागलपुर के नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत शंकरपुर पंचायत में शनिवार को चिराग का भरोसा अभियान के तहत बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लगभग दो सौ परिवारों को सूखा राशन वितरित किया गया। यह कार्यक्रम लोजपा (रा०) के प्रदेश सचिव एवं बांका जिला प्रभारी विजय कुमार यादव की अगुवाई में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मौजूद बाढ़ पीड़ितों के चेहरे पर राहत और उम्मीद साफ दिखाई दी। विजयी कुमार यादव ने इस अवसर पर कहा कि “चिराग का भरोसा अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है कि कोई भी बाढ़ पीड़ित भूखा न सोए। यह सिर्फ राहत सामग्री का वितरण नहीं है, बल्कि यह एक मानवीय सेवा का कार्य है। हम हमेशा कोशिश करते हैं कि ऐसे कठिन समय में पीड़ितों तक तुरंत मदद पहुँचाई जाए।”
इस मौके पर उन्होंने स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं में समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी बनती है कि वह जरूरतमंदों की मदद करे। उनका यह मानना है कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने से ही समाज में एकता और मानवता की भावना मजबूत होती है।
राहत सामग्री पाकर बाढ़ पीड़ित परिवारों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि कठिन समय में यह मदद उनके लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी सहायता होती रहेगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और लोग मौजूद थे। इसमें रविन्द्र कुमार, अरुण महतो, अखिलेश कुमार, सुबोध महंत, श्याम और मुरारी विशेष रूप से शामिल थे। सभी कार्यकर्ताओं ने मिलकर वितरण की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया और पीड़ित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई।
इस अभियान के माध्यम से स्थानीय लोगों में एक सकारात्मक संदेश भी गया कि समाज के मजबूत सदस्य संकट के समय दूसरों की मदद के लिए आगे आते हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें भविष्य में भी निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।
विजय कुमार यादव ने अंत में कहा कि चिराग का भरोसा अभियान इसी प्रकार भविष्य में भी बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाने का कार्य जारी रखेगा। उन्होंने सभी से अपील की कि वह जरूरतमंदों की मदद में हमेशा आगे आएं और मानवता का संदेश फैलाएं।
इस तरह, शंकरपुर पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम बाढ़ पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत कदम साबित हुआ और लोगों के बीच मानवीय सहयोग और सामाजिक चेतना को बढ़ावा दिया।
